सफ़र के लिए

Friday, November 6, 2009

सफ़र में
तमाम जरूरी चीजों के साथ
अपनी पहचान भी ले जाना इस बार.
ये तय नहीं है कि
फाह्यान और ह्वेनसांग की तरह
तुम्हारी यात्राओं के बारे में
बच्चे पढ़ें, शोर करते हुए
फिर भी
जब रुको किसी मंदिर के आँगन में
देखना कि मूर्ति के चरण
उसके मुख से सुन्दर है
मुख ने पाई है आंसुओं से भीगी प्रार्थनाएं
चरणों ने पाया है आत्मीय स्पर्श का सुख
कि ये चरण
सफ़र का एक जरूरी सामान है.

सफ़र के लिए
तुम खुद बना सकते हो रास्ता
पहाड़ों के ऊपर या नदी के पार
मगर बैठना पेड़ की छाँव में
बीनना सूखी टहनियां
विस्मृत पत्तों को देखना जी भर के
सुना है मैंने कि
वे रात के टूटे हुए ख्वाब होते हैं.
निस्तब्धता को तोड़ते हुए
शाख पर बैठे परिंदों को देना
दीर्घायु होने की शुभकामनाएं
कि वे गाते रहें लोकगीत
अपनी अनचीन्ही आवाज़ में
और पेड़ हरा भरा रहे सदा के लिए
पेड़ भी सहारा है सफर का.

सफ़र के लिए
एक और जरूरी चीज होती है,
लो मैं तुम्हें अपना मन भी देती हूँ.


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ख़त, चाँद और लिफ़ाफ़े

Friday, October 30, 2009























ख़त

तुम कमरे में बैठ कर
पढ़ते थे पुराने खतों को
मैं चाहती थी तुम पढो
बागीचे में, जैसे गा रहे हो गीत
वहीं मैं तुम्हारे शानों पर रखूं अपना सर
हमें कोई और देखता भी हो.

चाँद

तुम छत के ठीक बीच से
चाँद देखना पसंद करते थे
मैं चाहती थी तुम देखो
मुंडेर के पास खड़े हो कर
वहीं मैं छू रही होऊं तुम्हारा हाथ
हमें कोई और देखता भी हो.

लिफ़ाफ़े

वो हवा किसी नदी का
बदन छू कर नहीं आई थी
कोई चश्मा भी न था
उस उदासीन छत की छाँव में
चाँदनी में जो पुराने लिफ़ाफ़े
तुमने बरसों बाद खोले थे
उनमे कुछ लम्हे थे भीगे भीगे
उनमे कुछ रातें थी जगी जगी.


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मुहब्बत की उम्र से ज्यादा

Wednesday, October 7, 2009
















स्मृतियों
के अलाव में तापते हुए
बूढे पलों के उदास ज़हीन चहरे
अब देखते हैं राह
विदा कर दिए गए अपनों की.

मौसम बोलता है
खयालों में सन्नाटे की तरह
लौट-लौट आती चुप्पी,
पूछती है
जाड़े की उन स्याह रातों के बारे में,
वे रातें जो
हमारी मुहब्बत की उम्र से ज्यादा लम्बी थी

रुई से छन कर आती रोशनी में
रजाई हो जाया करती थी
एक मुकम्मल चादर आसमान सी,
तुम्हारा बदन,
बन जाया करता था मेरा पैरहन
चटकती हुई बेडियों से उठती थी चिंगारियां
सृष्टि के आगाज की
या फ़िर उसके अंजाम को.

सुनों,
सुबह खिड़की में रखी, चाय की प्याली की उम्र
हमारी मुहब्बत की उम्र से ज्यादा लम्बी थी.


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